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Friday, September 9, 2011

क्या कांग्रेस का हाथ है आम आदमी के साथ ?


चुनाव के समय वोटों के लिए गली गली में नारा लगा रही कांग्रेस सरकार बस यही नारा लगा रही थी  “कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ” पर क्या ऐसा हुआ? नहीं,हर बार के तरह फिर हमे हमारे नेताओ ने एक सपना ही दिखा के छोड दिया और वो भी जब हमे उनकी जरुरत थी|
सात साल से केंद्र पे राज कर रही कांग्रेस सरकार अभी तक क्या कर पर पाई है ये हम अच्छी तरह से देख रहे है,कभी महंगाई का असर,कभी भ्रष्टाचार का तो कभी आतंकवाद का,क्या लालु जी का कहना सच है “जब से कांग्रेस आई है कमर तोड़ मंहगाई है”,क्या विपक्ष का कहना सही है की भ्रस्ट है कांग्रेस और उसके नेता,अगर पिछले पन्नों को पलटे तो आकरे भी यही कहते है|
अगर कांग्रेस नेताओ की बात की जाए तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के अरबो रुपये स्विस बैंक में है.इस खाते को राजीव गाँधी ने खुलवाया था (Schweizer Illstrierteपत्रिका)| पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ट अधिवक्ता राम जेटमलानी ने पहले ही सोनिया गाँधी के पास काले धन होने का आरोप लगा चुके है| प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश के इतने बड़े पद पे रह कर भी हर छोटी से छोटी काम किसी के इशारे पर ही करते है| कांग्रेस की सत्ता में सेंध लगाने वाले ए रजा आज 2G घोटाले पर तिहाड में है| युवा नेता राहुल गाँधी की बात करे तो वो सिर्फ टिप्पणी ही देना जानते है |
क्या यही वजह है की आज केंद्र सरकार इसलिए भ्रस्टाचार और काले धन के मुद्दे पे चुप्पी साधी हुई है? बाबा रामदेव,अन्ना हजारे और उनकी टीम के पीछे हाथ धो कर पड़ी हुई है ? क्यूँ सोनिया गाँधी हसन अली के जाँच में चुप्पी साधी है? सरकार क्यों नहीं मान रही की ये जो काला धन है वो देश का है पर फिर भी वो टैक्स पे टैक्स ले रही है? क्या प्रणब मुखर्जी के पास कोई जवाब है? ऐसे कई सवाल है जो सरकार से हमने पूछे है पर इन सबका कोई भी जवाब हमे अभी तक नई मिला और ना ही कोई वजह| क्या हम मान ले की इन सब सवालो का जवाब नहीं देनी की वजह भी  स्विस बैंक में जमा किये गए काले धन ही है |
मुझे तो लगता है की कही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कभी सोनिया गाँधी और UPA को ये ना कह दे की “क्यूँ आप सब अपने आप को बचाने के लिए मुझे निचा दिखा देते हो”, पर जल्द ही  ऐसा दिन भी आ ही जायेगा सब मनमोहन जी ये बात मीडिया को कहते हुए नज़र आयेंगे|    
अपने आप को आने वाले प्रधानमंत्री कहने वाले देश के युवा नेता राहुल गाँधी किस तरह की पोलिटिक्स कर रहे है ये तो वही जानते है,लोगो को भाषण देना और विपक्ष के नेताओ पर टिपण्णी देना तो कोई उनसे हे सिखे| गवर्नमेंट पोलिसिएस और प्लानिंग पर तो कभी आज तक उन्होंने ने बात ही नहीं की और ऐसा लगता है की उनको आतंकवाद से होने वाली परेशानी की कोई चिंता ही नहीं है| उनको तो ये भी नहीं पता की वो अब युवाओ के बीच युवा नेता रहे ही नहीं अगर वो युवा नेता होते तो अन्ना के चल रहे अनशन पे वो युवाओ का साथ देने ज़रूर आते,उन्होंने ने ना कभी भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई और ना ही स्विस बैंक में रखे काले धन के बारे में कभी जिक्र किया|
केंद्र में रह कर कांग्रेस सात सालो से देश की जनता को नाखुश करती आ रही है,और इतनी घिनौनी हरकते किया है की लोगो के मन में कांग्रेस के खिलाफ क्रोध पैदा हो गया है अब तो देखना ये है की क्या कांग्रेस अपना बचाव कर पायेगी और आने वाले चुनाव में क्या अपना सत्ता कायम रख पायेगी ?
क्या फिर एक बार कांग्रेस कह पायेगी “कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ”..